
दिवाली की रात यह क्या गज़ब हो गया,
सब पठाखो का अदभुत मिलन हो गया...
पठाखो ने भी अपनी एक Union बनायी,
और सुतली बोम्ब को प्रेसिडेंट चुन लिया भाई !!
पठाके बोले- अब और नहीं फटेंगे, अब और नहीं जलेंगे
फट फट के कान फट गए हैं
जल जल के प्राण जल गए हैं
अबकी बार दिवाली पे मौन व्रत रखेंगे !!
रोच्क्केट बोला
तुम तो मौन व्रत रख लोगे
हम कैसे ज़मीन में फट लेंगे??
अपने को उढ़ने की आदत है,
हम बिना बोतल के ही कट लेंगे !!
प्रेसिडेंट बोले !!
ख़बरदार यह बगावत की बू आ रही है....
पीछे हटो रेलगाड़ी आ रही है !!
आजकल इसकी सिटी पिटी गुम है,
लोग स्काय शोट चलाते हैं, इसलिए इसकी दूकान बंद है
चुपके से फूलझरी ने कहा...
क्या सबसे पहले मुझे जलाओगे??
अनार बोला- तुम्हे जला कर ही तो हमरी चोटी में आग लगायेंगे
चरखड़ी बोली !!
मैं तो घूम घूम के धक् चुकी हूँ,
इन सरफिरो से पक चुकी हूँ !!
अब तो कोई ऐसा चक्कर चलाओ,
और मुझे गोल गोल घुमने से बचाओ !!
पास खड़े बबलू ने पठाको की बातें सुन ली,
और मन ही मन उन्हें जलाने की तरकीब बुन ली
बबलू बोला !!
Rocket राजा तुझको तो ऊपर पहुंचाऊंगा,
बच न सकेगी फिरकी रानी,
तुझको तो गोल गोल घुम्वाऊंगा
चोटी पकड़ के मोटे अनार की,
फूलझरी से जलाऊंगा...
बात ना माने अगर बम्ब तो,
ड्बा रख फूड्वाऊंगा !!
घबराकर सब पटाके बोले बबलू भैया माफ़ करो,
टोफ्फी चोकलेट ले कर, मामले को साफ़ करो !!
बबलू बोला मैं न सुनता अब तुम्हारी ये चालाकी,
पठाखे सब जलाऊंगा, कुछ न छोडू बाकी !!
चाहे हो जाए दिन यहाँ पर, बैग न छोडू खाली....
एक साल बाद फिर आई है यह HAPPY DIWALI