मंगलवार, 12 नवंबर 2013

वो लम्हा !!





वो वक़्त और था, जब इन आँखों को तेरा इंतेजार था 

कतरा कतरा गुज़रते लम्हे को तेरा ही क़रार था 

मैंने चुराया भी कुछ लम्हा, तुझसे मिलने को 

लेकिन- 
वो दिल कहाँ से लाऊँ, जिस दिल को सिर्फ तुझसे ही प्यार था !!