बुधवार, 10 नवंबर 2021

आओ मन से मन की बात करें


 आओ मन से मन की बात करें

कुछ तुम करो, कुछ हम करें
आओ मन से मन की बात करें!

मन की भाषा पढ़ ले, और
मन से भाषा समझा दें
निशब्द निर्विचार मन को
अंतर्मन से साँझा करें
आओ मन से मन की बात करें!

अविरल,अविमुक्त,अविकार मन
नित्य निश्चल नियत को खोजे
जीवन रुपी इस भूल भुलईया में
मन से ही मन को भूजें
आओ मन से मन की बात करें!

अधर से नयन से, बात अधूरी होंगी
मन की बात तो मन से ही पूरी होगी
अलमस्त चपल मन की आज यहीं रात करें
आओ मन से मन की बात करें!



सोमवार, 9 अगस्त 2021

अब्बू आते होंगे अभी



दरवाज़ा खुला रहने दो अम्मी,

ब्बू आते होंगे अभी..

मेरे खिलौने, मेरी गुड़िया बिस्तर पर पड़ी है
अलमारी में इनको संभाल दूँ सभी

खाना बना लिया है, बिखरा घर संवार दिया है,
आज तो पहले से ही होम वर्क कर लिया है..
कहीं दस्तक न आ जाये अभी,

किस से लड़ी, किस से झगड़ी, कितना पढ़ी
कब अम्मी ने चोरी पकड़ी..
पूरे दिन में क्या किया..
अभी तो कुछ बताया भी नही

कैसे खेलूं तुम संग चोर सिपाही
किस से सुनूं परियों के किस्से
ना टॉफ़ी, ना चॉकलेट, ना आइसक्रीम..
कुछ ना आया मेरे हिस्से!

सपनों में पक्का आ जाना
एक छोटी लोरी सुना जाना
मैं शायद सो जाऊँ तभी
दरवाज़ा खुला रहने दो अम्मी,
अब्बू आते होंगे अभी..