गुरुवार, 23 मई 2013

प्रेम मिठाई !!




I have tried to compare feelings of love with various weathers along with different Indian sweets....Enjoy Prem Mithai...!!

होश खो गया, नींद उड़ गयी 
जब से प्यार का झोका आया है,
मन करे यह लड्डू लपक लूँ 
जब से यह मौका आया है !

सूखे तपते जीवन में 
यह प्यार तुम्हारा सर्दी है, 
कोमल नर्म  मुलायम जैसे 
नारियल की बर्फी है !

सीधे सरल पथ पर चलते 
मन में कुछ दुविधा भी है,
कैसे  चलूँ प्रेम डगरिया 
लगे मुझे यह जलेबी है !

काली अंधियारी रातों में 
यह प्रेम सूर्य किरण लायी है,
सर्वछ न्योछावर कर दूँ तुम पे 
यह प्रेम नहीं रसमलाई है !

टप-टप बरसता प्रेम तुम्हारा 
मानो बरखा सावन है,
कैसे रुसवा हो जाऊं 
लगे यह रसगुल्ले बावन है !

वसंत ऋतु के प्रेम को पाना 
जीवन की एक उप्लाभ्दी  है, 
प्रेम मिठाई के चक्कर में 
फस्सी कहाँ यह बुद्धि है !

अब लौट चलो उस सूखे तपते जीवन में 
जहाँ हर मौसम एक संघर्ष  है,
जीवन की आप थापी सुलझाते हुए ही 
संग तुम्हारे उल्हास , संग तुम्हारे ही हर्ष है !!







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