रविवार, 7 जुलाई 2013

हाँ, मैंने कुछ ऐसे वीर देखें हैं !




विशाल गगन चूमने वाले- सागर तल को छूने वाले,
मन की गहराई में जाते- जीवन पथ पर चलने वाले,
हर लक्ष्य को भेद जाए, वो ऐसे तीर देखें हैं,

हाँ, मैंने कुछ ऐसे शूरवीर देखें हैं !


चुनौतियों से टक्कर लेते- कोशिश कर उठने वाले,
हारे के हाथ पकड़- सबको हिम्मत देने वाले,
उन्मुक्त, निर्भय, कर्मठ- अपनी लगन में वीर देखें हैं

हाँ, मैंने कुछ ऐसे कर्मवीर देखें हैं !


कुछ मंजिल पाए- कुछ राह पकड़ चलने वाले,
न जीत के नशे में धुत, न हार में शोक मनाने वाले,
सच की रह के ऐसे पैगम्बर पीर देखें हैं

हाँ, मैंने कुछ ऐसे धर्मवीर देखें हैं !


स्वयं पीछे रह कर- दूजे को आगे करने वाले,
नित्य प्रेम का पाठ सिखा कर- हर मुश्किल में हँसने वाले,
जीवन के जटिल प्रश्न सुलझाते ऐसे धीर देखे हैं,

हाँ, मैंने कुछ ऐसे राँझा-हीर देखे हैं !


हर लक्ष्य को भेद जाए, वो ऐसे तीर देखें हैं,
हाँ, मैंने कुछ ऐसे शूरवीर देखें हैं !


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