शुक्रवार, 4 अप्रैल 2014

प्रेम चुनरिया !!



प्रेम चुनरिया ओढ़े जाऊं
मैं, प्रेम चुनरिया ओढ़े जाऊं,
शरमाऊँ, घबराऊँ फिर भी
छुप छुप तोहे देखे जाऊं

प्रेम चुनरिया ओढ़े जाऊं
मैं, प्रेम चुनरिया ओढ़े जाऊं

नयनो कि भासा आवे ना
पिया मोहसे मिलने आवे ना,
राह देख देख बौराई मैं,
निंदिया अपनी खोवे जाऊं 

प्रेम चुनरिया ओढ़े जाऊं
मैं, प्रेम चुनरिया ओढ़े जाऊं 

पायल, चूड़ी कंगना खनके 
आयी मैं भी खूब सजके,
अब देखे के तब देखे सांवरिया 
सोच सोच मैं डूबी जाऊं 

प्रेम चुनरिया ओढ़े जाऊं
मैं, प्रेम चुनरिया ओढ़े जाऊं


सारा जग जब जान चुका
फिर तू न माने क्यों
हार गई मैं हार गई
अब तो बस मैं हारी जाऊं

प्रेम चुनरिया ओढ़े जाऊं
मैं, प्रेम चुनरिया ओढ़े जाऊं




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